पठार किसे कहते हैं? प्रकार और भारत के प्रमुख पठार (Plateau in Hindi)

श्रेणी: भूगोल · पढ़ने का समय: लगभग 3 मिनट · अपडेट: 22 अक्टूबर 2026

पठार आसपास की भूमि से ऊँचा, समतल या हल्की लहरदार सतह वाला भू-भाग है, जिसके एक या अधिक किनारे खड़ी ढलान के होते हैं।

एक नज़र में

सबसे ऊँचा पठार?तिब्बत का पठार।
भारत का सबसे बड़ा पठार?दक्कन का पठार।
छोटानागपुर किसके लिए प्रसिद्ध?खनिजों के लिए।

मुख्य बातें

  • दक्कन का पठार भारत का सबसे बड़ा पठार है और लावा से बना है।
  • तिब्बत का पठार दुनिया का सबसे ऊँचा और विशाल पठार है और इसे "विश्व की छत" कहा जाता है।
  • पठार खनिज संपदा, जैसे कोयला, लोहा और अभ्रक, के भंडार होते हैं।
  • पठार कई प्रक्रियाओं से बनते हैं।
  • कोलोराडो पठार पर ग्रैंड कैन्यन है, जो नदी के कटाव से बनी विशाल घाटी है।

पठार के प्रकार

प्रकारउदाहरण
अंतरपर्वतीयतिब्बत का पठार
पर्वतपदीयपीडमॉन्ट (अमेरिका)
महाद्वीपीयदक्कन का पठार
तटीयकुछ तटवर्ती पठार

भारत के प्रमुख पठार

दक्कन का पठार भारत का सबसे बड़ा पठार है और लावा से बना है। छोटानागपुर पठार (झारखंड) खनिजों के लिए प्रसिद्ध है। मालवा पठार मध्य प्रदेश में है, और मेघालय का पठार पूर्वोत्तर में है, जहाँ चेरापूंजी और मौसिनराम में बहुत अधिक बारिश होती है।

तिब्बत का पठार

तिब्बत का पठार दुनिया का सबसे ऊँचा और विशाल पठार है और इसे "विश्व की छत" कहा जाता है। इसकी औसत ऊँचाई 4,500 मीटर के आसपास है। पामीर का पठार भी "विश्व की छत" कहलाता है।

पठारों का महत्व

पठार खनिज संपदा, जैसे कोयला, लोहा और अभ्रक, के भंडार होते हैं। यहाँ से कई नदियाँ निकलती हैं और जलप्रपात बनाती हैं। कृषि के लिए काली मिट्टी का इलाका कपास के लिए अच्छा माना जाता है।

पठारों का निर्माण

पठार कई प्रक्रियाओं से बनते हैं। ज्वालामुखी के लावा के जमाव से बने लावा पठार, जैसे दक्कन ट्रैप, बहुत उपजाऊ काली मिट्टी देते हैं। पर्वत निर्माण के समय भूमि के उठने से और नदियों व हवा के घिसाव से बचे ऊँचे भाग भी पठार कहलाते हैं। कुछ पठार प्राचीन चट्टानों के ढाल से बने हैं और खनिजों में समृद्ध हैं।

भारत में मालवा, बुंदेलखंड, बघेलखंड और दंडकारण्य जैसे पठारी क्षेत्र हैं। उत्तर-पूर्व में कर्बी आंगलोंग का पठार है। पठार पर बसे शहर, जैसे बेंगलुरु और रांची, का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहता है।

दुनिया के प्रमुख पठार

पठारस्थान
तिब्बतएशिया (सबसे ऊँचा)
पामीरमध्य एशिया
कोलोराडोसंयुक्त राज्य अमेरिका
अबीसीनियाइथियोपिया
ब्राज़ीलियाईदक्षिण अमेरिका
दक्कनभारत

कोलोराडो पठार पर ग्रैंड कैन्यन है, जो नदी के कटाव से बनी विशाल घाटी है।

इस विषय को पढ़ाई में कैसे उपयोग करें

"पठार किसे कहते हैं? प्रकार और भारत के प्रमुख पठार (Plateau in Hindi)" जैसे विषय सामान्य ज्ञान और विज्ञान की परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। पढ़ते समय मुख्य तथ्यों (नाम, संख्या, स्थान और वर्ष) को अलग से नोट कर लें और हर कुछ दिन में दोहराएँ। संख्याओं के आँकड़ों में स्रोत के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए परीक्षा से पहले अपनी पाठ्यपुस्तक या आधिकारिक स्रोत से मिलान कर लें। अभ्यास के लिए विद्युदभि के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट हल करें, ताकि तथ्य याद रहें और समय प्रबंधन भी सुधरे।

  • सबसे ऊँचा पठार?
  • भारत का सबसे बड़ा पठार?
  • छोटानागपुर किसके लिए प्रसिद्ध?

ऊपर दिए प्रश्नों के उत्तर पहले बिना देखे लिखने की कोशिश करें, फिर "एक नज़र में" सारणी से मिलान करें। इस तरह सक्रिय स्मरण (एक्टिव रिकॉल) से याददाश्त ज़्यादा मज़बूत होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सबसे ऊँचा पठार?

तिब्बत का पठार।

भारत का सबसे बड़ा पठार?

दक्कन का पठार।

छोटानागपुर किसके लिए प्रसिद्ध?

खनिजों के लिए।

यह भी पढ़ें

विश्व का सबसे बड़ा डेल्टा कौन सा है? गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टाविश्व का सबसे बड़ा डेल्टा गंगा-ब्रह्मपुत्र (सुंदरबन) डेल्टा है। डेल्टा कैसे बनता है और अन्य प्रमुख डेल्टा जैसे मेकोंग और नील हिंदी में। नंगा पर्वत कहाँ है? ऊँचाई और रोचक तथ्य (Nanga Parbat in Hindi)नंगा पर्वत हिमालय की चोटी है, जिसकी ऊँचाई लगभग 8,126 मीटर है और यह विश्व की नौवीं सबसे ऊँची चोटी है। इसे किलर माउंटेन भी कहते हैं। ज्वालामुखी कैसे फटता है? ज्वालामुखी क्या है (Volcano in Hindi)ज्वालामुखी पृथ्वी की सतह में ऐसा छिद्र है जिससे लावा, गैस और राख बाहर निकलती है। जानिए विस्फोट के कारण, प्रकार और सक्रिय, सुप्त और मृत ज्वालामुखी।

परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं?

NEET, NORCET, UPSC CMS और अन्य परीक्षाओं के असली पिछले वर्षों के पेपर और मॉक टेस्ट मुफ़्त में आज़माएँ।

Past PapersMock Tests

नोट: आँकड़े और रैंकिंग समय के साथ बदल सकते हैं। परीक्षा या शोध से पहले आधिकारिक स्रोत से मिलान करें। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं।