मैदान क्या हैं? मैदानों के प्रकार और भारत के प्रमुख मैदान (Plain in Hindi)

श्रेणी: भूगोल · पढ़ने का समय: लगभग 3 मिनट · अपडेट: 22 अक्टूबर 2026

मैदान पृथ्वी का ऐसा विस्तृत और लगभग समतल भू-भाग है, जिसकी ऊँचाई आमतौर पर समुद्र तल से 200 मीटर से कम होती है। विश्व की अधिकांश आबादी मैदानों में रहती है।

एक नज़र में

उत्तरी मैदान किन नदियों से बना है?सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र।
खादर क्या है?नई जलोढ़ मिट्टी।
मैदान की ऊँचाई?आमतौर पर 200 मी से कम।

मुख्य बातें

  • सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्रों द्वारा बना उत्तरी मैदान बहुत उपजाऊ है।
  • पश्चिमी तटीय मैदान संकरा है और कोंकण, कन्नड़ और मालाबार हिस्सों में बँटा है।
  • मैदानों में समतल भूमि, उपजाऊ मिट्टी, सिंचाई की सुविधा और परिवहन की आसानी होती है।
  • दुनिया की प्राचीन सभ्यताएँ, जैसे सिंधु घाटी, मेसोपोटामिया और मिस्र, नदियों के उपजाऊ मैदानों में फली-फूलीं।
  • इन मैदानों में खेती सघन होती है और धान, गेहूँ, गन्ना व जूट की फ़सलें उगाई जाती हैं।

मैदानों के प्रकार

प्रकारनिर्माण
जलोढ़ (नदी निर्मित)नदियों द्वारा लाए गए मलबे के जमाव से
तटीयसमुद्र के पीछे हटने या जमाव से
हिमानी (ग्लेशियर)हिमनदों के जमाव से
लोएसहवा द्वारा उड़कर आई महीन मिट्टी से

भारत का उत्तरी मैदान

सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी तंत्रों द्वारा बना उत्तरी मैदान बहुत उपजाऊ है। इसे भाबर, तराई, बांगर और खादर जैसे भागों में बाँटा जाता है। बांगर पुरानी जलोढ़ मिट्टी है और खादर नई जलोढ़ मिट्टी, जो हर साल बाढ़ से नवीनीकृत होती है।

तटीय मैदान

पश्चिमी तटीय मैदान संकरा है और कोंकण, कन्नड़ और मालाबार हिस्सों में बँटा है। पूर्वी तटीय मैदान चौड़ा है और उत्कल, उत्तरी सरकार और कोरोमंडल तट में बँटा है, जहाँ महानदी, गोदावरी, कृष्णा और कावेरी डेल्टा बनाती हैं।

महत्व

मैदानों में समतल भूमि, उपजाऊ मिट्टी, सिंचाई की सुविधा और परिवहन की आसानी होती है। इसलिए यहाँ बड़े शहर, कृषि और उद्योग विकसित हुए हैं।

मैदान और सभ्यताएँ

दुनिया की प्राचीन सभ्यताएँ, जैसे सिंधु घाटी, मेसोपोटामिया और मिस्र, नदियों के उपजाऊ मैदानों में फली-फूलीं। समतल भूमि खेती, बस्तियों और व्यापार के लिए अनुकूल थी। आज भी भारत की आधे से अधिक आबादी गंगा के मैदान में बसती है।

मैदान में बाढ़ का खतरा भी होता है, क्योंकि नदियाँ धीमे बहती हैं और अपना रास्ता बदलती रहती हैं। बिहार में कोसी इसका उदाहरण है। इसलिए तटबंध, बाँध और बाढ़ पूर्वानुमान प्रणालियाँ बनाई जाती हैं।

भारत की प्रमुख नदी घाटियाँ

नदी तंत्रमैदानी क्षेत्र
सिंधुपंजाब-हरियाणा का मैदान
गंगाउत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल
ब्रह्मपुत्रअसम घाटी
महानदीछत्तीसगढ़ और ओडिशा का मैदान
गोदावरी-कृष्णाआंध्र तटीय मैदान

इन मैदानों में खेती सघन होती है और धान, गेहूँ, गन्ना व जूट की फ़सलें उगाई जाती हैं।

इस विषय को पढ़ाई में कैसे उपयोग करें

"मैदान क्या हैं? मैदानों के प्रकार और भारत के प्रमुख मैदान (Plain in Hindi)" जैसे विषय सामान्य ज्ञान और विज्ञान की परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। पढ़ते समय मुख्य तथ्यों (नाम, संख्या, स्थान और वर्ष) को अलग से नोट कर लें और हर कुछ दिन में दोहराएँ। संख्याओं के आँकड़ों में स्रोत के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए परीक्षा से पहले अपनी पाठ्यपुस्तक या आधिकारिक स्रोत से मिलान कर लें। अभ्यास के लिए विद्युदभि के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट हल करें, ताकि तथ्य याद रहें और समय प्रबंधन भी सुधरे।

  • उत्तरी मैदान किन नदियों से बना है?
  • खादर क्या है?
  • मैदान की ऊँचाई?

ऊपर दिए प्रश्नों के उत्तर पहले बिना देखे लिखने की कोशिश करें, फिर "एक नज़र में" सारणी से मिलान करें। इस तरह सक्रिय स्मरण (एक्टिव रिकॉल) से याददाश्त ज़्यादा मज़बूत होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उत्तरी मैदान किन नदियों से बना है?

सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र।

खादर क्या है?

नई जलोढ़ मिट्टी।

मैदान की ऊँचाई?

आमतौर पर 200 मी से कम।

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