जीवाश्म ईंधन क्या है? कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यावरण पर असर (Fossil Fuels in Hindi)
जीवाश्म ईंधन वे ईंधन हैं जो लाखों साल पहले दबे पौधों और जीवों के अवशेषों से बने हैं। दुनिया की ज़्यादातर बिजली और परिवहन ऊर्जा आज भी इन्हीं से आती है।
एक नज़र में
| जीवाश्म ईंधन के तीन उदाहरण क्या हैं? | कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस। |
| जीवाश्म ईंधन अनवीकरणीय क्यों माने जाते हैं? | क्योंकि इन्हें बनने में लाखों साल लगते हैं। |
| प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक क्या है? | मीथेन। |
| सबसे उत्तम कोयला कौन सा है? | एन्थ्रेसाइट। |
| प्राकृतिक गैस मुख्यतः क्या है? | मीथेन। |
| जीवाश्म ईंधन को अनवीकरणीय क्यों कहते हैं? | क्योंकि इन्हें बनने में करोड़ों साल लगते हैं। |
मुख्य बातें
- करोड़ों साल पहले मरे हुए पौधे और सूक्ष्म जीव मिट्टी और चट्टानों की परतों के नीचे दब गए।
- कोयला: बिजली बनाने और इस्पात उद्योग में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है।
- जलाने पर इनसे कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है, जो ग्रीनहाउस गैस है और जलवायु परिवर्तन व ग्लोबल वार्मिंग का बड़ा कारण है।
- सौर, पवन, जल और बायोगैस जैसी नवीकरणीय ऊर्जा, साथ में ऊर्जा की बचत, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहन जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटा सकते हैं।
- जीवाश्म ईंधन करोड़ों साल पहले मरे हुए पौधों और सूक्ष्म जीवों के अवशेषों से बनते हैं।
जीवाश्म ईंधन कैसे बनते हैं
करोड़ों साल पहले मरे हुए पौधे और सूक्ष्म जीव मिट्टी और चट्टानों की परतों के नीचे दब गए। ऊँचे दबाव और ताप में लंबे समय तक रहने से ये कोयला, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस में बदल गए। इनके बनने में इतना समय लगता है कि इन्हें अनवीकरणीय संसाधन माना जाता है।
मुख्य प्रकार
कोयला: बिजली बनाने और इस्पात उद्योग में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होता है। भारत में झारखंड, ओडिशा और छत्तीसगढ़ कोयले के बड़े उत्पादक हैं। पेट्रोलियम (कच्चा तेल): इसे परिष्कृत करके पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन और एलपीजी बनते हैं। प्राकृतिक गैस: मुख्य घटक मीथेन है, जिसका उपयोग बिजली, खाद और घरेलू ईंधन (सीएनजी, पीएनजी) में होता है।
पर्यावरण पर असर
जलाने पर इनसे कार्बन डाइऑक्साइड निकलती है, जो ग्रीनहाउस गैस है और जलवायु परिवर्तन व ग्लोबल वार्मिंग का बड़ा कारण है। कोयला और डीज़ल जलने से सल्फर डाइऑक्साइड और महीन कण भी निकलते हैं, जो वायु प्रदूषण और अम्लीय वर्षा बढ़ाते हैं।
विकल्प
सौर, पवन, जल और बायोगैस जैसी नवीकरणीय ऊर्जा, साथ में ऊर्जा की बचत, सार्वजनिक परिवहन और इलेक्ट्रिक वाहन जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता घटा सकते हैं।
जीवाश्म ईंधन कैसे बनते हैं
जीवाश्म ईंधन करोड़ों साल पहले मरे हुए पौधों और सूक्ष्म जीवों के अवशेषों से बनते हैं। ये अवशेष तलछट के नीचे दबकर भारी दबाव और ताप में धीरे-धीरे कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस में बदल गए। इस प्रक्रिया में लाखों से करोड़ों साल लगते हैं, इसलिए इन्हें अनवीकरणीय ऊर्जा स्रोत कहा जाता है।
कोयले के प्रकार
कोयले को कार्बन की मात्रा के आधार पर पीट, लिग्नाइट, बिटुमिनस और एन्थ्रेसाइट में बाँटा जाता है। पीट में सबसे कम कार्बन होता है और एन्थ्रेसाइट में सबसे ज़्यादा (लगभग 90 प्रतिशत से ऊपर), इसलिए एन्थ्रेसाइट सबसे उत्तम माना जाता है। भारत में झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल कोयले के प्रमुख उत्पादक राज्य हैं।
प्राकृतिक गैस और पेट्रोलियम
प्राकृतिक गैस मुख्यतः मीथेन होती है और अपेक्षाकृत कम प्रदूषण करती है। इससे CNG, PNG और उर्वरक बनते हैं। पेट्रोलियम से पेट्रोल, डीज़ल, केरोसिन, LPG, स्नेहक और प्लास्टिक जैसे उत्पाद मिलते हैं। भारत में असम, गुजरात और मुंबई हाई प्रमुख तेल क्षेत्र हैं।
प्रदूषण और विकल्प
जीवाश्म ईंधन जलाने से कार्बन डाइऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड निकलते हैं, जिससे ग्लोबल वार्मिंग, अम्लीय वर्षा और धुंध बढ़ती है। सौर, पवन, जल, बायोगैस और हाइड्रोजन जैसे नवीकरणीय विकल्प अपनाकर निर्भरता घटाई जा सकती है। भारत ने 2030 तक अपनी गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता को लगभग 500 गीगावाट तक पहुँचाने का लक्ष्य रखा है।
कोयले के प्रकार
| प्रकार | कार्बन की मात्रा |
|---|---|
| पीट | सबसे कम |
| लिग्नाइट | कम |
| बिटुमिनस | मध्यम से अधिक |
| एन्थ्रेसाइट | सबसे अधिक (उत्तम) |
इस विषय को पढ़ाई में कैसे उपयोग करें
"जीवाश्म ईंधन क्या है? कोयला, पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और पर्यावरण पर असर (Fossil Fuels in Hindi)" जैसे विषय सामान्य ज्ञान और विज्ञान की परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। पढ़ते समय मुख्य तथ्यों (नाम, संख्या, स्थान और वर्ष) को अलग से नोट कर लें और हर कुछ दिन में दोहराएँ। संख्याओं के आँकड़ों में स्रोत के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए परीक्षा से पहले अपनी पाठ्यपुस्तक या आधिकारिक स्रोत से मिलान कर लें। अभ्यास के लिए विद्युदभि के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट हल करें, ताकि तथ्य याद रहें और समय प्रबंधन भी सुधरे।
- जीवाश्म ईंधन के तीन उदाहरण क्या हैं?
- जीवाश्म ईंधन अनवीकरणीय क्यों माने जाते हैं?
- प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक क्या है?
- सबसे उत्तम कोयला कौन सा है?
- प्राकृतिक गैस मुख्यतः क्या है?
- जीवाश्म ईंधन को अनवीकरणीय क्यों कहते हैं?
ऊपर दिए प्रश्नों के उत्तर पहले बिना देखे लिखने की कोशिश करें, फिर "एक नज़र में" सारणी से मिलान करें। इस तरह सक्रिय स्मरण (एक्टिव रिकॉल) से याददाश्त ज़्यादा मज़बूत होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
जीवाश्म ईंधन के तीन उदाहरण क्या हैं?
कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस।
जीवाश्म ईंधन अनवीकरणीय क्यों माने जाते हैं?
क्योंकि इन्हें बनने में लाखों साल लगते हैं।
प्राकृतिक गैस का मुख्य घटक क्या है?
मीथेन।
सबसे उत्तम कोयला कौन सा है?
एन्थ्रेसाइट।
प्राकृतिक गैस मुख्यतः क्या है?
मीथेन।
जीवाश्म ईंधन को अनवीकरणीय क्यों कहते हैं?
क्योंकि इन्हें बनने में करोड़ों साल लगते हैं।
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