डाइटरी फाइबर (रेशा) क्या है? फायदे, स्रोत और कितना लें

श्रेणी: स्वास्थ्य · पढ़ने का समय: लगभग 3 मिनट · अपडेट: 22 अक्टूबर 2026

डाइटरी फाइबर (रेशा) पौधों से मिलने वाला वह कार्बोहाइड्रेट है जिसे हमारा शरीर पचा नहीं पाता, फिर भी यह पाचन और सेहत के लिए बहुत उपयोगी है।

एक नज़र में

फाइबर कितने प्रकार का होता है?घुलनशील और अघुलनशील।
फाइबर किसमें मिलता है?साबुत अनाज, दालें, फल और सब्ज़ियाँ।
रोज़ कितना फाइबर चाहिए?लगभग 25-30 ग्राम।

मुख्य बातें

  • फाइबर कब्ज़ घटाता है, पेट भरा रखकर वज़न नियंत्रण में सहायक है और आंत के अच्छे बैक्टीरिया का भोजन बनता है।
  • वयस्कों को आमतौर पर रोज़ लगभग 25-30 ग्राम फाइबर की सलाह दी जाती है।
  • फाइबर अचानक बहुत बढ़ाने से गैस और पेट फूलना हो सकता है, इसलिए धीरे-धीरे बढ़ाएँ और पानी भरपूर पिएँ।
  • "डाइटरी फाइबर (रेशा) क्या है? फायदे, स्रोत और कितना लें" जैसे विषय सामान्य ज्ञान और विज्ञान की परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।

फाइबर के प्रकार

प्रकारक्या करता हैस्रोत
घुलनशीलपानी में जेल बनाकर कोलेस्ट्रॉल और शुगर घटाने में मददजई, सेब, केला, दालें
अघुलनशीलमल को मात्रा देकर कब्ज़ घटाता हैसाबुत अनाज, गेहूँ का चोकर, सब्ज़ियों के छिलके

फायदे

फाइबर कब्ज़ घटाता है, पेट भरा रखकर वज़न नियंत्रण में सहायक है और आंत के अच्छे बैक्टीरिया का भोजन बनता है। इससे रक्त शर्करा के उतार-चढ़ाव कम होते हैं और हृदय रोग का जोखिम घटाने में मदद मिलती है।

कितना लें

वयस्कों को आमतौर पर रोज़ लगभग 25-30 ग्राम फाइबर की सलाह दी जाती है। भारतीय आहार में दाल, सब्ज़ियाँ, फल, मोटे अनाज (बाजरा, रागी, ज्वार) और भुने चने अच्छे स्रोत हैं। मैदा और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन में फाइबर बहुत कम होता है।

ध्यान रखें

फाइबर अचानक बहुत बढ़ाने से गैस और पेट फूलना हो सकता है, इसलिए धीरे-धीरे बढ़ाएँ और पानी भरपूर पिएँ। किसी आंत संबंधी रोग में डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ से सलाह लें।

फाइबर युक्त एक दिन का भोजन

सुबह दलिया या ओट्स में फल, दोपहर में दाल, सब्ज़ी और मोटे अनाज की रोटी, शाम को भुना चना या फल और रात में सब्ज़ी का सूप या खिचड़ी लेने से फाइबर की ज़रूरत आसानी से पूरी की जा सकती है। सलाद में खीरा, गाजर और टमाटर छिलके सहित लें। पूरे फल का सेवन जूस से बेहतर है, क्योंकि जूस में फाइबर कम हो जाता है।

बच्चों और बुज़ुर्गों में फाइबर की मात्रा उनकी उम्र और स्वास्थ्य के अनुसार तय करें। किसी बीमारी में, जैसे आंतों की सूजन या सर्जरी के बाद, डॉक्टर के निर्देश के अनुसार ही बदलाव करें।

इस विषय को पढ़ाई में कैसे उपयोग करें

"डाइटरी फाइबर (रेशा) क्या है? फायदे, स्रोत और कितना लें" जैसे विषय सामान्य ज्ञान और विज्ञान की परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। पढ़ते समय मुख्य तथ्यों (नाम, संख्या, स्थान और वर्ष) को अलग से नोट कर लें और हर कुछ दिन में दोहराएँ। संख्याओं के आँकड़ों में स्रोत के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए परीक्षा से पहले अपनी पाठ्यपुस्तक या आधिकारिक स्रोत से मिलान कर लें। अभ्यास के लिए विद्युदभि के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट हल करें, ताकि तथ्य याद रहें और समय प्रबंधन भी सुधरे।

  • फाइबर कितने प्रकार का होता है?
  • फाइबर किसमें मिलता है?
  • रोज़ कितना फाइबर चाहिए?

ऊपर दिए प्रश्नों के उत्तर पहले बिना देखे लिखने की कोशिश करें, फिर "एक नज़र में" सारणी से मिलान करें। इस तरह सक्रिय स्मरण (एक्टिव रिकॉल) से याददाश्त ज़्यादा मज़बूत होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फाइबर कितने प्रकार का होता है?

घुलनशील और अघुलनशील।

फाइबर किसमें मिलता है?

साबुत अनाज, दालें, फल और सब्ज़ियाँ।

रोज़ कितना फाइबर चाहिए?

लगभग 25-30 ग्राम।

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नोट: आँकड़े और रैंकिंग समय के साथ बदल सकते हैं। परीक्षा या शोध से पहले आधिकारिक स्रोत से मिलान करें। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं।