भारत में रेशम का उत्पादन कहाँ होता है? रेशम के प्रकार
भारत दुनिया में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा रेशम उत्पादक देश है और सबसे ज़्यादा रेशम की खपत वाला भी।
एक नज़र में
| मूगा रेशम किस राज्य में मिलता है? | असम में। |
| शहतूत कितने दिन में तैयार होता है? | लगभग 5-6 महीने में पत्तियाँ मिलने लगती हैं। |
| मूगा रेशम किस राज्य में बनता है? | असम में। |
| सबसे अधिक रेशम उत्पादन वाला राज्य कौन सा है? | कर्नाटक। |
| एरी रेशम को क्या कहा जाता है? | अहिंसा रेशम। |
मुख्य बातें
- रेशम उत्पादन में कर्नाटक अग्रणी राज्य है, उसके बाद आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्य आते हैं।
- शहतूत (मलबरी) रेशम: शहतूत की पत्तियाँ खाने वाले कीड़े से, सबसे ज़्यादा उत्पादन।
- यदि कोई किसान रेशम पालन शुरू करना चाहता है तो पहले शहतूत के पौधे लगाने होते हैं, जो 5-6 महीने में पत्तियाँ देने लगते हैं।
- रेशम रेशम कीट (बॉम्बिक्स मोरी) की इल्ली द्वारा बनाए गए कोकून से मिलता है।
- शहतूत का रेशम भारत के कुल रेशम उत्पादन का सबसे बड़ा भाग है और कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु इसमें आगे हैं।
प्रमुख राज्य
रेशम उत्पादन में कर्नाटक अग्रणी राज्य है, उसके बाद आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्य आते हैं।
रेशम के प्रकार
शहतूत (मलबरी) रेशम: शहतूत की पत्तियाँ खाने वाले कीड़े से, सबसे ज़्यादा उत्पादन। तसर रेशम: जंगली रेशम, झारखंड प्रमुख। एरी रेशम: अरंडी की पत्तियाँ खाने वाले कीड़े से, पूर्वोत्तर में। मूगा रेशम: सुनहरी चमक वाला, केवल असम में।
रेशम पालन शुरू करने के चरण
यदि कोई किसान रेशम पालन शुरू करना चाहता है तो पहले शहतूत के पौधे लगाने होते हैं, जो 5-6 महीने में पत्तियाँ देने लगते हैं। फिर रेशम बीज (अंडे) प्रमाणित केंद्र से लिए जाते हैं। इल्लियों को साफ़ और हवादार कक्ष में रखकर रोज़ ताज़ी पत्तियाँ खिलाई जाती हैं। लगभग 25-28 दिन बाद वे कोकून बनाना शुरू करती हैं। राज्य रेशम विभाग प्रशिक्षण और सब्सिडी देता है।
रेशम के चार प्रकार
| प्रकार | प्रमुख क्षेत्र |
|---|---|
| शहतूत | कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु |
| तसर | झारखंड, छत्तीसगढ़, ओडिशा |
| एरी | पूर्वोत्तर राज्य |
| मूगा | असम |
रेशम उत्पादन की प्रक्रिया
रेशम रेशम कीट (बॉम्बिक्स मोरी) की इल्ली द्वारा बनाए गए कोकून से मिलता है। रेशम पालन (सेरीकल्चर) में शहतूत के पेड़ उगाना, इल्लियों को पत्तियाँ खिलाना, कोकून इकट्ठा करना, उन्हें गर्म पानी में उबालकर धागा निकालना (रीलिंग) और फिर बुनाई करना शामिल है। एक कोकून से लगभग 900 मीटर तक लंबा धागा निकल सकता है। इसकी खोज का श्रेय प्राचीन चीन को दिया जाता है, जहाँ इसे सदियों तक रहस्य रखा गया।
रेशम के प्रकार
शहतूत का रेशम भारत के कुल रेशम उत्पादन का सबसे बड़ा भाग है और कर्नाटक, आंध्र प्रदेश व तमिलनाडु इसमें आगे हैं। तसर रेशम, जिसे जंगली रेशम भी कहते हैं, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में बनता है। एरी रेशम पूर्वोत्तर में अरंडी की पत्तियाँ खाने वाले कीट से मिलता है और इसे "अहिंसा रेशम" भी कहा जाता है, क्योंकि कीट के निकल जाने के बाद कोकून का उपयोग होता है। मूगा रेशम अपनी सुनहरी चमक के लिए जाना जाता है और केवल असम में पैदा होता है।
प्रसिद्ध रेशम केंद्र
कांचीपुरम (तमिलनाडु) की साड़ियाँ, वाराणसी की बनारसी साड़ी, मैसूर रेशम, भागलपुर का तसर सिल्क और असम का मूगा सिल्क अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। कई उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI) टैग मिला है। केंद्रीय रेशम बोर्ड बेंगलुरु में है और रेशम उद्योग का विकास देखता है।
आर्थिक महत्व
रेशम उद्योग लाखों ग्रामीण परिवारों को रोज़गार देता है, खासकर महिलाओं को। भारत दुनिया में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा रेशम उत्पादक है और चारों व्यावसायिक प्रकारों (शहतूत, तसर, एरी और मूगा) का उत्पादन करने वाला एकमात्र देश है। सस्ते आयातित धागे और सिंथेटिक विकल्पों से प्रतिस्पर्धा इस उद्योग की चुनौती है।
इस विषय को पढ़ाई में कैसे उपयोग करें
"भारत में रेशम का उत्पादन कहाँ होता है? रेशम के प्रकार" जैसे विषय सामान्य ज्ञान और विज्ञान की परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। पढ़ते समय मुख्य तथ्यों (नाम, संख्या, स्थान और वर्ष) को अलग से नोट कर लें और हर कुछ दिन में दोहराएँ। संख्याओं के आँकड़ों में स्रोत के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए परीक्षा से पहले अपनी पाठ्यपुस्तक या आधिकारिक स्रोत से मिलान कर लें। अभ्यास के लिए विद्युदभि के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट हल करें, ताकि तथ्य याद रहें और समय प्रबंधन भी सुधरे।
- मूगा रेशम किस राज्य में मिलता है?
- शहतूत कितने दिन में तैयार होता है?
- मूगा रेशम किस राज्य में बनता है?
- सबसे अधिक रेशम उत्पादन वाला राज्य कौन सा है?
- एरी रेशम को क्या कहा जाता है?
ऊपर दिए प्रश्नों के उत्तर पहले बिना देखे लिखने की कोशिश करें, फिर "एक नज़र में" सारणी से मिलान करें। इस तरह सक्रिय स्मरण (एक्टिव रिकॉल) से याददाश्त ज़्यादा मज़बूत होती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
मूगा रेशम किस राज्य में मिलता है?
असम में।
शहतूत कितने दिन में तैयार होता है?
लगभग 5-6 महीने में पत्तियाँ मिलने लगती हैं।
मूगा रेशम किस राज्य में बनता है?
असम में।
सबसे अधिक रेशम उत्पादन वाला राज्य कौन सा है?
कर्नाटक।
एरी रेशम को क्या कहा जाता है?
अहिंसा रेशम।
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