बिजली क्यों कड़कती है और ज़मीन पर क्यों गिरती है? (Lightning in Hindi)

श्रेणी: विज्ञान · पढ़ने का समय: लगभग 3 मिनट · अपडेट: 22 अक्टूबर 2026

आकाशीय बिजली बादलों में जमा विद्युत आवेश का अचानक निकल जाना है। इसकी चमक और गड़गड़ाहट हम तक अलग-अलग समय पर पहुँचती है।

एक नज़र में

बिजली पहले क्यों दिखती है और आवाज़ बाद में?प्रकाश की गति ध्वनि से कहीं तेज़ है।
बिजली से बचने के लिए कहाँ जाएँ?पक्की इमारत या वाहन के अंदर।
बादल में आवेश कैसे बनता है?बर्फ और पानी के कणों के टकराने से।

मुख्य बातें

  • तूफ़ानी बादलों में बर्फ के छोटे कण और पानी की बूँदें तेज़ हवाओं में आपस में टकराती हैं।
  • बिजली के रास्ते की हवा कुछ ही पल में लगभग 30,000 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो जाती है।
  • "बिजली क्यों कड़कती है और ज़मीन पर क्यों गिरती है? (Lightning in Hindi)" जैसे विषय सामान्य ज्ञान और विज्ञान की परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं।

बिजली कैसे बनती है

तूफ़ानी बादलों में बर्फ के छोटे कण और पानी की बूँदें तेज़ हवाओं में आपस में टकराती हैं। इस टकराव से आवेश अलग होता है: बादल का निचला भाग ऋणावेशित और ऊपरी भाग धनावेशित हो जाता है। जब आवेश का अंतर बहुत बढ़ जाता है, तो हवा विद्युतरोधी नहीं रह पाती और आवेश बहने लगता है।

गड़गड़ाहट

बिजली के रास्ते की हवा कुछ ही पल में लगभग 30,000 डिग्री सेल्सियस तक गर्म हो जाती है। यह हवा झटके से फैलती है और शॉक वेव बनाती है, जिसे हम गर्जना के रूप में सुनते हैं। प्रकाश की गति ध्वनि से बहुत अधिक है, इसलिए पहले चमक दिखती है और फिर आवाज़ सुनाई देती है।

प्रकार

प्रकारविवरण
बादल के भीतरएक ही बादल में
बादल से बादलदो बादलों के बीच
बादल से ज़मीनजमीन पर गिरने वाली, सबसे खतरनाक

बिजली से बचाव

  • तूफ़ान में खुले मैदान, अकेले पेड़ और तालाब से दूर रहें
  • पक्की इमारत या वाहन के अंदर शरण लें
  • खिड़की-दरवाजों और बिजली के उपकरणों से दूर रहें
  • मोबाइल ऐप जैसे "दामिनी" (भारत मौसम विज्ञान विभाग) की चेतावनी देखें
  • किसी को बिजली लगे तो तुरंत चिकित्सा सहायता बुलाएँ और CPR दें

भारत में बिजली गिरने की घटनाएँ

भारत में हर साल मानसून के दौरान आकाशीय बिजली से हज़ारों लोग मारे जाते हैं, खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में। किसान खेतों में काम करते समय अधिक जोखिम में होते हैं। सरकार ने चेतावनी के लिए "दामिनी" जैसे मोबाइल ऐप और अलर्ट सेवाएँ शुरू की हैं।

इमारतों पर तड़ित चालक (लाइटनिंग रॉड) लगाने से बिजली का प्रवाह सुरक्षित रूप से ज़मीन में चला जाता है। तड़ित चालक की खोज बेंजामिन फ्रैंकलिन ने 1752 के आसपास की थी।

इस विषय को पढ़ाई में कैसे उपयोग करें

"बिजली क्यों कड़कती है और ज़मीन पर क्यों गिरती है? (Lightning in Hindi)" जैसे विषय सामान्य ज्ञान और विज्ञान की परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। पढ़ते समय मुख्य तथ्यों (नाम, संख्या, स्थान और वर्ष) को अलग से नोट कर लें और हर कुछ दिन में दोहराएँ। संख्याओं के आँकड़ों में स्रोत के अनुसार थोड़ा अंतर हो सकता है, इसलिए परीक्षा से पहले अपनी पाठ्यपुस्तक या आधिकारिक स्रोत से मिलान कर लें। अभ्यास के लिए विद्युदभि के पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र और मॉक टेस्ट हल करें, ताकि तथ्य याद रहें और समय प्रबंधन भी सुधरे।

  • बिजली पहले क्यों दिखती है और आवाज़ बाद में?
  • बिजली से बचने के लिए कहाँ जाएँ?
  • बादल में आवेश कैसे बनता है?

ऊपर दिए प्रश्नों के उत्तर पहले बिना देखे लिखने की कोशिश करें, फिर "एक नज़र में" सारणी से मिलान करें। इस तरह सक्रिय स्मरण (एक्टिव रिकॉल) से याददाश्त ज़्यादा मज़बूत होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिजली पहले क्यों दिखती है और आवाज़ बाद में?

प्रकाश की गति ध्वनि से कहीं तेज़ है।

बिजली से बचने के लिए कहाँ जाएँ?

पक्की इमारत या वाहन के अंदर।

बादल में आवेश कैसे बनता है?

बर्फ और पानी के कणों के टकराने से।

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नोट: आँकड़े और रैंकिंग समय के साथ बदल सकते हैं। परीक्षा या शोध से पहले आधिकारिक स्रोत से मिलान करें। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है, डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं।