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पृथ्वी घुमती क्यों रहती हैं – Earth rotation in hindi

ह घुमती क्यों रहती हैं

Earth rotation in hindi – पृथ्वी सहित सौरमंडल के बाकी के ग्रह घूमते क्यों रहते हैं?

आप लोगों को पता होगा कि पृथ्वी अपने अक्ष के सापेक्ष घुमती रहती है।

इसके साथ पृथ्वी सूर्य का चक्कर भी काटती रहती है।

लेकिन earth अपने अक्ष के सापेक्ष घूमती क्यों रहती है? मेरे कहने का मतलब हैं कि आप यह तो जानते ही होंगे कि earth सूर्य का चक्कर लगाती रहती है.

लेकिन पृथ्वी अपने अक्ष के सापेक्ष लट्टू की तरह घूमती क्यों रहती है, आज हम यह जानते हैं….

शुरुआत पृथ्वी के निर्माण को जानकर करते हैं :-

यह जानने के लिए कि हमारी पृथ्वी अपने अक्ष पर लट्टू की तरह घूमती क्यों रहती है (why earth rotates) ?

इसके लिए सबसे पहले हमें यह जानना होगा कि हमारे पृथ्वी का निर्माण कैसे हुआ ?

दरअसल हमारे सौर मंडल में जितने भी ग्रह हैं, या इस ब्रह्मांड में जितने भी ग्रह उन सब का मूल छोटे-छोटे पार्टिकल ही होते हैं.

जो कि धूल कण के बादल के रूप में मौजूद होते हैं. इन्हें nebula कहते हैं.

हमारे सूर्य का जब निर्माण होने को हुआ. तब कुछ धूल गैस के बादल आपस में gravitationaly collapse हो कर,

एक जलते हुए गोले का निर्माण किए. जिसे आज हम सूर्य के रूप जानते हैं. इसी सूर्य के चारों ओर कुछ बचे हुए धूल कण चक्कर लगा रहे थे.

जो ठोस धूल कण थे वह आपस में जुड़ कर चार बड़े बड़े पथरीले पिंडो का निर्माण किए.

जो कि स्थलीय ग्रह कहलाए। उन्हीं में से एक हमारी पृथ्वी (earth in hindi) भी है.

और जो हल्की गैस के बादल थे वह सौर हवा के द्वारा बहा लिए गए.

और सूर्य से थोड़ा दूर गैस जायंट ग्रहों का निर्माण किया।

धूलकण के रूप से ही घुमती आ रही पृथ्वी (Earth rotation in hindi) :-

आपको यह आपको बताते चलें कि पृथ्वी का जब निर्माण भी नहीं हुआ था,

\यानी जब पृथ्वी धूल कण के छोटे छोटे कण के रूप में थी तब से ही earth घूम रही है।

चलिए पूरी बात बताते हैं आपको आज से 4.5 अरब साल पहले जब अपने सौरमंडल का निर्माण हो रहा था.

तब अपने नवजात सूर्य के चारों ओर गैस और धूल कण घूमते हुए एक डिस्क का निर्माण कर लिए थे।

डिस्क में मौजूद धूलकण सूर्य के ग्रेविटी के तरफ आकर्षित तो हो ही रहे थे.

लेकिन अपने आप में ही गुरुत्वाकर्षण के कारण जुड़कर बड़े-बड़े पिंडो का निर्माण भी कर रहे थे।

यह डिस्क conservation of angular momentum की वजह से लगातार घूमता जा रहा था।

earth rotaion in hindi

सूरज के जन्म के साथ ही शुरू हुआ ग्रहों का निर्माण :-

समय के साथ इस डिस्क में आज के हमारे सूर्य का निर्माण हुआ।

और डिस्क में सूर्य के चारों ओर घूमते हुए धूल कण भी आपस में घूमते हुए गुरुत्वाकर्षण के कारण आपस में जुड़कर ग्रहों का निर्माण किये।

जैसा कि आपको ऊपर बताया गया है कि डिस्क में ग्रह घूमते हुए ही पैदा हुए थे,

यानी उनका निर्माण ही ऐसा ही हुआ है.

अब आप जैसा कि जानते होंगे कि कोई वस्तु अगर मोशन में है तो वह तब तक मोशन में रहेगा।

जब तक उसके ऊपर कोई बाहरी बल न लगे। सौरमंडल के ग्रहों के साथ भी ऐसा ही हुआ।

ग्रहों का जन्म घूमते हुए ही हुआ और उन्हें कोई बाहरी बल ने रोका नहीं इसलिए वह अपने अक्ष पर घूमते गए।

earth सहित बाकी के सारे ग्रह अपने इन inertia के कारण लगातार घूमते रहते हैं।

सौर मंडल में स्थित लगभग सभी ग्रह एक ही दिशा में यानी counter clock wise दिशा में घूमते रहते हैं।

केवल शुक्र और अरुण ही clock wise दिशा में घूमते रहते हैं।

तो अब आप Earth rotation in hindi के बारे में जान ही गए होंगे।

पृथ्वी सूर्य का चक्कर क्यों लगाती हैं (earth revolution) :-

earth rotation and revolution – जैसा कि अब आप इस परिकल्पना को जान ही गए होंगे.

पृथ्वी अपने अक्ष पर लट्टू की तरह क्यों घूमती है (Earth rotation in hindi) ?

उसी तरह अब हमें यह भी जानना जरूरी है कि हमारी पृथ्वी सूर्य के चारों ओर घूमती क्यों रहती है?

अगर आपको कंफ्यूजन हो रहा है तो मैं आपको बताता चलूं किस सूर्य के चारों ओर पृथ्वी के चक्कर लगाने को Revolution कहते हैं.

और वही पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमने को Rotation कहते हैं.

earth Revolution और earth Rotation में अंतर है.

पृथ्वी जब अपने अक्ष पर Rotate करती है, तब 1 दिन का समय बीतता है.

वहीं जब पृथ्वी सूर्य के चारों ओर एक चक्कर काट लेती है, तब 365 दिन बीत जाते हैं.

मतलब सूर्य के चारों ओर एक चक्कर लगाने में पृथ्वी कुल 365 बार अपने अक्ष पर लट्टू की तरह घूम जाती है.

पृथ्वी का सूर्य के तरफ चारों ओर चक्कर लगाना, दरअसल इसका मूलभूत कारण है,

सूर्य का पृथ्वी की कक्षा में अपनी gravity को लगाना।

यही वह कारण है जिसके कारण पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती है.

जिस प्रकार चंद्रमा पृथ्वी gravity के कारण पृथ्वी (earth in hindi) के चारों ओर चक्कर काटता रहता है.

और इसी तरह सौरमंडल के सारे ग्रह सूर्य के gravity के कारण ही सूर्य के चारों ओर चक्कर काटते रहते हैं.

पृथ्वी सूर्य का चक्कर elliptical path में लगाती हैं –

लेकिन आपको यह बात पता होना चाहिए कि पृथ्वी सूर्य का चक्कर एक Elliptical Path में लगाती है.

ना कि एक गोल सर्कल के रूप में. लेकिन प्रश्न यहां यह उठता है कि पृथ्वी सूर्य का चक्कर एक Elliptical Path में ही क्यों लगाती है ?

इसका कारण यह है कि पृथ्वी की गति की दिशा सूर्य द्वारा पृथ्वी की ओर लगाए जाने वाले gravitational pull के perpendicular है.

अगर जिस स्थान पर सूर्य अभी है, वहां पर अगर सूर्य नहीं होता तो पृथ्वी बिल्कुल सीधी दिशा में ट्रैवल करने लगती.

लेकिन सूरज की ग्रेविटी पृथ्वी पर अपना असर लगाती है, जिसके कारण से पृथ्वी सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाती हैं.

जो कि लगभग लगभग वृत्ताकार shape में ही है.

अब देखिये पृथ्वी का सूर्य की और चक्कर लगाना ये केवल सूर्य के gravity पर ही निर्भर नहीं करता हैं.

बल्कि सूर्य के आकार पर भी निर्भर करता हैं. सूर्य एक गोलाकार गैस का गोला हैं.

जिसके curve के कारण पृथ्वी लगातार सूर्य के curve  के तरफ गिरती चली जा रही हैं.

सूर्य के ग्रेविटी के कारण पृथ्वी (earth in hindi) सूर्य के साथ बंधी हुई सूर्य का चक्कर लगा रही हैं.

earth wikipedia

यही जानकारी वीडियो के रूप में देखने के लिए ये विडियो देखिये

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