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शुक्र ग्रह के कुछ तथ्य || venus facts

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शुक्र ग्रह के कुछ तथ्य :-

अरुण (Uranus) की तरह सूर्य की उलटी दिशा में चक्कर लगाने वाला ग्रह शुक्र (venus), सूर्य से दूसरे नंबर पर आता है और ये बहुत ही गर्म ग्रह है। पृथ्वी के आसमान में चंद्रमा के बाद सबसे ज्यादा चमकने वाले इस ग्रह के बारे में आज आपको कुछ ऐसे ही रोचक तथ्य बताते हैं….

  • शुरूआत करते हैं बेहद ही चौंकाने वाली बात से, आप यह जानकर चकित हो जाएंगे कि शुक्र (venus) पर एक दिन पृथ्वी के 243 दिन के बराबर होता है और 1 साल महज़ 225 दिन का। क्यों हो गये ना चकित यह जानकर, इसका कारण यह है कि शुक्र अपने अक्ष पर बहुत ही ज्यादा धीमी गति से घूमता रहता है। शुक्र के रोटेशन स्पीड (rotation speed) मात्र 6.52 किलोमीटर प्रति घंटा है। तो जब तक शुक्र अक्ष पर एक चक्कर लगाता है तब तक तो शुक्र सूर्य का एक चक्कर लगा देता है। यही कारण है कि शुक्र (venus) पर 1 दिन पृथ्वी के 243 दिन के बराबर होता है।
  • शुक्र (venus) आकार में यानी साइज में लगभग पृथ्वी के बराबर है। शुक्र ग्रह की त्रिज्या 6,052 किलोमीटर है। और पृथ्वी की त्रिज्या लगभग 6,371 किलोमीटर है यानी यह पृथ्वी से बहुत थोड़ा ही कम है। इसके अलावा शुक्र ग्रह (venus) का mass पृथ्वी के mass के लगभग जी 0.85 गुना है यानी पृथ्वी से थोड़ा ही कम। यही कारण है जिसके कारण शुक्र को पृथ्वी की बहन ग्रह कहा जाता है।
  • शुक्र (venus) सौरमंडल का सबसे गर्म ग्रह है, शुक्र का अधिकतम तापमान 462 डिग्री सेल्सियस है। शुक्र यानी venus अपने अक्ष पर बिल्कुल भी झुका हुआ नहीं है। इसलिए शुक्र पर मौसम का बदलाव बिल्कुल नहीं होता है। रात हो या दिन शुक्र के तापमान में बदलाव नहीं होता है।
  • शुक्र (venus) सूर्य का चक्कर उल्टी दिशा में करता है यानी सौरमंडल के बाकी ग्रह जिस दिशा में सूर्य का चक्कर लगाते हैं उससे उल्टी दिशा में। अरुण ज्ञानी यूरेनस भी शुक्र की तरह उल्टी दिशा में सूर्य का चक्कर लगाता है। इस दिशा को retrograde दिशा कहते हैं। शुक्र के इस दिशा में सूर्य का चक्कर लगाने का कारण वैज्ञानिकों के अनुसार यह हैं कि शुक्र से कोई बड़ा बड़ा एस्टरॉयड या कोई बड़ा पिंडी टकराया होगा। जो कि शुक्र के सूर्य के चक्कर लगाने के path को चेंज कर दिया होगा।
  • शुक्र (venus) चंद्रमा के बाद पृथ्वी से देखा जाने वाला दूसरा सबसे चमकीला अंतरिक्ष वस्तु है, जो कि रात होने से पहले और सुबह होने पर भी चमकता रहता है यानि दिखता रहता ह इसलिए इसे evening star या morning star भी कहते हैं।
  • शुक्र ग्रह (venus) का वायुमंडलीय दाब पृथ्वी के वायुमंडल दाब से 92 गुना ज्यादा है। यानी जब कोई मनुष्य शुक्र ग्रह पर जाएगा तो उसके ऊपर इतना दबाव लगेगा। जितना एक मनुष्य समुद्र के बेहद गहराई में महसूस करेगा।
  • वैज्ञानिकों ने ऐसा अनुमान लगाया है कि शुक्र (venus) पर पहले कभी समुद्र भी रहा होगा लेकिन ग्रीन हाउस इफेक्ट और बढ़ते टेंपरेचर के कारण शुक्र से यह समुद्र evaporate हो गया होगा।
  • शुक्र (venus) एक स्थलीय ग्रह यानि शुक्र ग्रह बुध, पृथ्वी और मंगल के समान एक ठोस ग्रह है, जो चट्टानों से बना हुआ है। इसके अलावा शुक्र ग्रह का वातावरण बाकी के तीनों स्थली ग्रहण में सबसे ज्यादा घना है।
  • शुक्र (venus) पर सल्फ्यूरिक एसिड के बादल शुक्र के वायुमंडल को इतने मोटे परत से ढके रहते हैं कि telescope से शुक्र की सतह को देखना है बहुत ही ज्यादा मुश्किल है।

यही जानकारी विडियो के रूप में जानने के लिए ये विडियो देखिये -.

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