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सूरज के अंदर क्या हैं ? || sun layers

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सूरज के अंदर क्या हैं ? सूरज की परतें :-

सूरज की परतें :-

क्या आपको पता है सूरज कितना बड़ा है? क्या आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं? चलिए आपको आंकड़े बताते हैं। सूर्य की त्रिज्या यानी रेडियस लगभग लगभग 7 लाख किलोमीटर जितना बड़ा है। अगर आंकड़ों से समझ में नहीं आया तो आपको इसकी पृथ्वी से तुलना करके बताते हैं। सूर्य में 13 लाख पृथ्वी समा सकती है। यानी अगर सूर्य खोखला गोला होगा तो उसमें पृथ्वी जैसे छोटे छोटे 13 लाख गोले समा जाएंगे। जरा सोचिए सूर्य कितना बड़ा है और इतने बड़े सूर्य के अंदर क्या-क्या है और कितना ज्यादा मटेरियल है? आज ही जानेंगे कि सूर्य के अंदर क्या है यानि सूरज की परतें को और सूर्य कितना पुराना है और सूर्य के अंदर किस प्रकार के एलिमेंट भरे हुए हैं…

Core –

शुरुआत करेंगे सूर्य के सबसे अंदरूनी भाग से यानि सूरज की परतें में से सबसे अंदर का भाग जो कि है सूर्य का कोर, सूर्य का core आकार में सूर्य का तो केवल 20 से 25% तक का एक ही भाग होता है लेकिन इतना ज्यादा गर्म कि कल्पना से भी परे। सूर्य का कोर यानी सेंटर का भाग डेढ़ करोड़ डिग्री सेल्सियस जितना गर्म होता है। बेहद ही dense सूर्य का कोर सूर्य का main engine है। सूर्य के सेंटर में हाइड्रोजन के atom fuse होकर हीलियम बनाते हैं और न्यूक्लियर फ्यूजन क्रिया से ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। अब कोर के ऊपर के लेयर की बात कर लेते हैं।

sun layer

Radiation Zone –

कोर के ऊपर होता है radiative zone, सूरज की परतें में से ये  3.5 लाख किलोमीटर की मोटी परत होती है। यह परत कोर से थोड़ा कम dense होती है। आपको एक बेहद ही कमाल की और रोचक बात बताते हैं, इस लेयर के बारे में, सूर्य के कोर के अंदर जितनी भी light produce होती है, उसे radiative zone को पार होकर अगले लेयर तक पहुंचने में 1 लाख 70 हज़ार साल तक समय लग जाता है। हालांकि यह core से कम dense होती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम इसकी डेंसिटी की कल्पना कर सकते हैं। यह फिर भी बहुत ज्यादा होती है। इसलिए core से लेकर radiative zone तक लाइट को पास करने में 1 लाख 70 हज़ार साल तक का समय लग जाता है। तापमान की बात करें तो यह लगभग 70 लाख डिग्री सेल्सियस तक गर्म होता है।

Convection Zone –

Radiative zone के ऊपर होता है convection zone की लेयर, इसकी प्लाज्मा बहुत ज्यादा dense नहीं होती है। जितनी की कोर और radiative zone की होती है। यह लेयर बाकि के सूरज की परतें से कम मोटी होती है और ये सूरज की परतें का सबसे बाहरी परत होता है। इसकी मोटाई लगभग 20 लाख किलोमीटर होती है। तापमान की बात करें तो इसका निचली सतह लगभग 20 लाख डिग्री सेल्सियस तक गर्म होता है और ऊपर की सतह यानी सूरज की बाहरी सतह का तापमान 6000 डिग्री सेल्सियस होता है। तापमान के बीच इतना ज्यादा अंतर होने के कारण इस लेयर पर convection process होता है, जो कि heat को बाहर क्यों radiate करता है।

क्या भरा हुआ है सूर्य के अंदर –

तो यह तो बात कर ली हमने सूरज की परतों के बारे में, अब जान लेते हैं कि ये सूरज की परतें आखिर किन चीजों से मिलकर बने हुए हैं। सूर्य ही नहीं ब्रह्मांड के सभी तारों का मूल तत्व हाइड्रोजन हीं होता है। fusion की क्रिया के द्वारा ही आगे हीलियम, कार्बन, ऑक्सीजन, नियॉन जैसे तत्वों बनते हैं। लेकिन हमारे सूरज के पास उतना mass नहीं है कि यह elements को fuse कर कर के heavy element बनाता रहे। हमारा सूरज एक छोटा सा तारा है जो कि 70% तक हाइड्रोजन और हीलियम से बना हुआ है। तो अगर आप सूरज को एक खोखला गोला माने तो उसमें mainly हाइड्रोजन और हीलियम प्लाज्मा इस फॉर्म में भरे हुए हैं different layer की सजावट के साथ।

तो आज हमने अपने 4.5 अरब साल से भी ज्यादा पुराने तारे के अंदरूनी भाग यानि सूर्य की परतें के रहस्य को जान लिया है।

यही जानकारी वीडियो के रूप में पाने के लिए यह वीडियो देखिए –

https://www.youtube.com/edit?o=U&video_id=9F7lh1JIyZQ

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