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सूरज का असली रंग क्या हैं.

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sun atmosphere

क्या सूर्य सच में पीले रंग का हैं :-

अगर आप से पूछा जाए कि सूर्य का रंग क्या हैं तो आप जवाब देंगे पीला रंग, लेकिन हम आपसे ये कहते हैं की सूर्य का असली रंग पीला नही सफ़ेद हैं। हाँ आप ये देखने के लिए बिना किसी eye protection के सूर्य को देखने मत जाइएगा, नहीं तो आप अंधे भी हो सकते हैं। जब हम सूर्य को अन्तरिक्ष में से देखते हैं तो हमें सूर्य सफ़ेद रंग का दिखाई देता हैं और जब हम सूरज को पृथ्वी पर से देखते हैं तो सूरज हमें पीला दिखाई देता हैं, लेकिन ऐसा क्यों हैं, चलिए जानते हैं……

कैसे निश्चित होता हैं किसी तारे का रंग :-

आपको बताते चले की किसी भी तारे का रंग उसके तापमान पर निर्भर करता हैं। और अपना सूर्य भी एक तारा ही हैं। हमारे सूर्य के बाहरी सतह का तापमान लगभग 5000 से 5500 °C हैं जिससे हमरे सूरज का रंग सफ़ेद रंग का हैं, 5000 °C से कम तापमान के तारे तुलनात्मक रूप से ठंडा होने के कारण नारंगी रंग के दिखाई देते हैं, और 6500 °C से ज्यादा तापमान के तारे ज्यादा गर्म होने के कारण नीले रंग के दिखाई देते हैं।

क्यों दिखता हैं सूर्य हमें अलग अलग रंग का :-

सबसे पहले जानते हैं सूर्योदय और सूर्यास्त के सूर्य के रंग के बारे में , आपने ध्यान दिया होगा की इस समय सूरज का रंग नारंगी रंग का दिखाई देता हैं। आप ये बात जानते होंगे कि सूर्य की किरणे 7 रंगों से मिल कर बनी हुयी हैं वो रंग हैं बैंगनी, नीला, आसमानी, हरा, पीला, नारंगी, लाल। आपको ये बात पता होनी चाहिए कि कम wavelength (तरंग दैर्घ्य) की किरणे वातावरण में ज्यादा फैलती हैं जैसे बैंगनी, नीला, आसमानी, हरा। वही ज्यादा wavelength की किरणे वातावरण में कम फैलती हैं जैसे पीला, नारंगी, लाल। अब ध्यान दीजिये सूर्यास्त और सूर्योदय के समय सूरज horizon यानि क्षितिज के पास होता हैं। horizon यानि क्षितिज वो लाइन हैं जहाँ धरती और आकाश एक साथ मिलते हैं। horizon यानि क्षितिज के पास होने के कारण सूरज की किरणों को ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती हैं। जिसमे से नीली, बैंगनी, आसमानी रंग की किरणे वातावरण में फैल जाती हैं। और ज्यादा wavelength की किरणे लाल, नारंगी, वातावरण में फैलती नहीं है, वो सीधे सूरज से हमारी आँख पर आते हैं इसलिए सूरज हमें सूर्यास्त सूर्योदय के समय लाल दिखाई देता हैं। इसके अलावा horizon यानि क्षितिज के पास होने कारण वातावरण की मोटी परत हमे सूरज के रंग को filter करके लाल दिखाता हैं।

दिन के सूर्य का रंग :-

अब जैसे जैसे सूर्य उपर चढ़ता जाता हैं। सूरज की किरणों को कम दूरी तय करनी पड़ती हैं। जिससे वातावरण में air की लेयर भी कम मोटी हो जाती हैं। और इससे वातावरण में सूरज की किरणों को filter करने के लिए वातावरण की लेयर भी कम हो जाती हैं। और यही कारण हैं जब हम दिन में सूरज को देखने का प्रयास करते हैं। तब सूरज हमें अपनी असली रंग में दिखाई देता हैं। यानि सफ़ेद रंग में yellow tint के साथ, लेकिन वातावरण में air की लेयर सूरज की किरणों को पीला ही दिखाती हैं। जैसे जैसे हम उपर की ओर जाते रहते हैं वैसे वैसे वातावरण में air की लेयर कम होने के कारणसूरज हमें सफ़ेद रंग का दिखाई देता हैं।

 

यही जानकारी विडियो के रूप में जानने के लिए ये विडियो देखिये –

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