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वरुण ग्रह के कुछ रोचक तथ्य || neptune facts

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ह के कुछ रोचक तथ्य

वरुण ग्रह के कुछ रोचक तथ्य :-

सौरमंडल का चौथा सबसे बड़ा ग्रह वरुण यानी नेपच्यून (neptune), हमारे सौरमंडल में मौजूद किसी भी ग्रह से सूर्य से सबसे ज्यादा दूर है। और यह ग्रह इतना ठंडा है कि आप इसकी कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। आज मैं आपको नेपच्यून (neptune) यानी वरुण ग्रह के बारे में, कुछ ऐसे तथ्य बताऊंगा। जिसे जानकर आप आश्चर्यचकित रह जाएंगे…

  • क्या आपको पता है कि वरुण (Neptune) सूर्य का एक परिक्रमा पृथ्वी का लगभग 164.8 साल में पूरा करता है, यह अपने आप में बहुत ही ज्यादा समय है। इसका कारण यह है कि वरुण सूर्य से बहुत ज्यादा दूर है, वरुण सूर्य से 4.4 अरब किलोमीटर दूर है।
  • वरुण (Neptune)अपने अक्ष पर एक चक्कर लगभग 16 घंटे में पूरा करता है, यानी वरुण पर एक दिन में 16 घंटे का होते है। इस प्रकार देखे तो 1 साल में वरुण पर वरुण के 89,666 दिन होते हैं, जो कि पृथ्वी के 60,182 दिन के बराबर होते हैं।
  • वरुण (Neptune) पर गुरुत्वाकर्षण शक्ति सौरमंडल में बृहस्पति के बाद सबसे ज्यादा है, वरुण पर ग्रेविटी पृथ्वी की ग्रेविटी 110% है, यानी पृथ्वी पर अगर कोई 100 किलो का होगा तो पृथ्वी पर वह 110 किलो का हो जाएगा।
  • वरुण के कुल 14 उपग्रह हैं यानी कुल 14 चंद्रमा। वरुण (neptune) का सबसे बड़ा चंद्रमा ट्राइटन (triton) है। जिसे वरुण की खोज के केवल 17 दिन बाद ही खोज लिया गया था। यह 1,353 किलोमीटर के रेडियस जितना बड़ा है। ट्राइटन को सौरमंडल का सबसे बड़ा ठंडा उपग्रह माना जाता है, ये नेपच्यून से भी ठंडा है।
  • वरुण (Neptune) बहुत ही ठंडा ग्रह है जहां का औसतन तापमान -214 डिग्री सेल्सियस रहता है। और वरुण सौरमंडल का सबसे ठंडा ग्रह हैं।
  • क्या आपको पता है कि नेपच्यून के रिंग्स भी है। बस ये इतने पतले और हल्के होते हैं कि दिखते ही नहीं है। यह रिंग्स मुख्यतः ice particle और carbon substances से बने होते हैं।
  • जैसे बृहस्पति की सतह पर बाहर से एक लाल रंग के धब्बे की तरह एक निशान दिखता है, जहां पर 350 साल तक तूफान चलता रहता है, उसे The great red spot के नाम से जाना जाता है, ठीक उसी तरह वरुण (Neptune) पर भी एक काला धब्बा का निशान है जो कि पृथ्वी के आकार जितना बड़ा है, जिसे The great dark spot के नाम से जाना जाता है। इस spot में भी एक तूफान चलता रहता है, जिसमें हवाएं 2,414 किलोमीटर की रफ्तार से चलती रहती हैं। 1989 में इसे nasa के Voyager spacecraft ने ढूंढा था।
  • वरुण (Neptune) का वातावरण काफी हल्का है क्योंकि वरुण पूरा गैस से बना हुआ है और वरुण का वातावरण हीलियम हाइड्रोजन और मीथेन से बना हुआ।
  • वरुण (Neptune) पर हवाएं बहुत ही तेजी से चलती रहती है क्योंकि नेपच्यून बहुत ही तेजी से घूमता रहता है।
  • वरुण ग्रह (Neptune) पर मीथेन लाल रंग को absorb कर लेता है, और नीले रंग की रोशनी को reflect करता है, इसलिए वरुण नीले रंग का दिखाई देता है

यही जानकारी वीडियो के रूप में जानने के लिए ये वीडियो देखिये –

 

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