Home विज्ञान पेट्रोल और डीजल कैसे बनता है – crude oil meaning in hindi

पेट्रोल और डीजल कैसे बनता है – crude oil meaning in hindi

crude oil meaning in hindi – आज से लगभग साढे छह करोड़ों साल पहले, एक 12 किलोमीटर के डायामीटर का एस्ट्रॉयड

पृथ्वी की ग्रेविटेशनल फील्ड में प्रवेश कर बहुत तेजी से पृथ्वी की तरफ बढ़ने लगा.

हजारों किलोमीटर की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश कर ये एस्ट्रॉयड,

एक जलते हुए गोले की तरह पृथ्वी से जा टकराया. पृथ्वी से टकराते हुए

ये एस्ट्रॉयड ने सैकड़ों हजारों किलोमीटर के डायामीटर में, पृथ्वी पर से जीवन को पूरी तरीके से खत्म कर दिया.

चारों तरफ धूल और धुआं का बादल छा गया. पूरे पृथ्वी का टेंपरेचर इतना ज्यादा हो गया

कि उसके त्रासदी में अधिकतम जीव विलुप्त हो गए.

जिसमें लगभग 16 करोड़ साल तक पृथ्वी पर राज करने वाले डायनासोर्स का भी अंत हो गया.

कहाँ हैं निशान एस्टेरोइड के टकराने के

आज के समय में मैक्सिको के चिक्सलब शहर के पास, एक 150 किलोमीटर चौड़ा और 20 किलो मीटर गहरा गड्ढा यह बताता है कि

वह एस्ट्रॉयड यहीं पर टकराया होगा. आप में से कई लोग यह बात जानते होंगे

कि डायनासोर का अंत कैसे हुआ और उसके बाद कैसे पृथ्वी का वातावरण ऐसा हो गया कि

जीवन जीने लायक के लिए कुछ समय तक अनुकूल नहीं रहा.

पर आपने कभी सोचा है कि इन डायनासोर का अंत के बाद इनके बॉडी के साथ क्या हुआ ?

इतने सारे भीम काय जानवरों के शरीर के साथ आखिर हुआ ?

सबसे खतरनाक सांप

क्या हुआ डायनासोर के शव के साथ (crude oil meaning in hindi)

जियोलॉजिस्ट कुछ समय के अंतराल पर जीवों के शवों को ढूंढते ही रहते हैं,

पर यह बहुत ही कम है. बाकी के डायनासोर के साथ क्या हुआ.

एक साधारण गलतफहमी समाज में यह फैली हुई है कि करोड़ों साल तक डायनासोर्स के शव

जमीन में नीचे दबे होने के कारण फॉसिल फ्यूल (crude oil meaning in hindi) यानी आज जो हम पेट्रोल डीजल इस्तेमाल कर रहे हैं,

उस में बदल गए हैं. पर यह अवधारणा पूरी तरीके से सही नहीं है.

आइए एक नजर डाल लेते हैं कि ये एक कच्चा तेल आखिर बना कैसे ?

आज जो दुनिया में सबसे बड़ी संपत्ति है.

कैसे बना कच्चा तेल crude oil meaning in hindi

मनुष्य ने आज से 30 करो साल के पहले के जीवों और वनस्पतियों से कच्चे तेल को प्राप्त किया है.

कच्चा तेल आज से करोड़ों साल पहले डायनासोर से भी पहले के जीवों,

पौधों और समुद्री प्लवक यह सब के मरने के बाद, करोड़ों साल के अंतराल में जमीन के नीचे दब जाने से बने.

कैसे ???? समय के साथ यह जीव जहां मरे, चाहे जमीन पर या समुद्र में,

वहां पर इनके ऊपर गाद, रेत और मिट्टी की लेयर बढ़ती गई और काफी मोटी लेयर इन के ऊपर बन गई.

बल्कि ये लेयर कम से कम 10,000 फीट यानी 3 किलोमीटर तक बन गई.

इतनी मोटी लेयर जीवों और पौधों के ऊपर काफी ज्यादा दबाव बनाने लगी

और इतना ज्यादा प्रेशर इन के तापमान को भी काफी बढ़ाने लगा.

करोड़ों साल तक इतना ज्यादा तापमान इन जीवो और पौधों को बिना ऑक्सीजन के पकाने लगा,

जो इन जीवो को डीकंपोज कर दिया और यह डीकंपोज मटेरियल पृथ्वी के क्रस्ट के दरारों में जाकर ट्रैप हो गए

और निर्माण किए कैरोजन (karogen) का. यह कैरोजेंस हजारों करोड़ों सालों तक इन दरारों में रहने के कारण,

लगातार हीट और प्रेशर को सहन करते करते हाइड्रोकार्बन के चैन में कन्वर्ट हो गए

और बन गए फॉसिल फ्यूल (crude oil meaning in hindi) में, वह पेट्रोल और डीजल जो आज हम यूज करते हैं.

अगर इन जीवों के ऊपर प्रेशर की वजह से तापमान 260 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाए

यह जीव किसी भी प्रकार के फॉसिल फ्यूल में कन्वर्ट नहीं होते, बल्कि यह नष्ट हो जाते हैं.

तो क्या हुआ इनके शवों के साथ

अब प्रश्न ये उठता है डायनासोर्स के साथ आखिरकार हुआ क्या ??

अगर यह फ्यूल नहीं बने तो. डायनासोर के शव आज भी हम निरंतर पाते ही रहते हैं.

उपरी क्रस्ट पर इनके शव मिलते ही रहते हैं. बात साफ है कि डायनासोर पूरी तरीके से अभी decompose नहीं हुए हैं.

खासकर उनकी हड्डियां, जिसे पूरी तरीके से घुलने में ज्यादा समय लगता है.

मिट्टी के प्रकार और उसके गुण के कारण ही कोई शव जल्दी से जल्दी डीकंपोज़ होता है,

फॉसिल फ्यूल्स जो आज हम यूज़ कर रहे हैं, अधिकतम सिंगल सेल organism

जैसे काई माइक्रोब्स जैसे जीवों से बना हुआ है. ऐसा नहीं है कि डायनासोर फॉसिल फ्यूल (crude oil meaning in hindi) में कन्वर्ट हुए ही नहीं है,

बस उनका रेट आफ कन्वर्जन बहुत ही स्लो है.

जानकारी विडियो के रूप में लीजिये –

crude oil wikipedia