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भारत में कितनी भाषा है – languagues of india

भारत में कितनी भाषा है – भारत बहुत सी भाषा बोली जाने वाला देश है. भारत में आर्य भाषा और द्रविड़ भाषा यह मुख्यतः दो भाषा परिवार वाले भाषाएं ही बोली जाती हैं.

कहा जाता है कि भारत में हर 10 किलोमीटर पर बोलियां बदल जाती हैं. यानी भारत में इतनी सारी भाषाओं का अपनी-अपनी बोली भी है.

मतलब भारत में कई सारी भाषाएं हैं और उन भाषाओं की कई सारी बोलियां भी है.

इसलिए भारत को भाषा के आधार पर बहुत ही ज्यादा विविध बताया जाता है.

कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक भारत में हर जगह अलग-अलग भाषाएं हैं.

लेकिन सरकारी कामकाज के लिए भारत में मुख्यतः दो ही भाषा इस्तेमाल की जाती है हिंदी और अंग्रेजी।

लेकिन हर राज्यों के क्षेत्रीय भाषा भी वहां के सरकारी कामकाज में इस्तेमाल किया जाता है.

जैसे बंगाल में बंगाली भाषा सरकारी कामकाज में इस्तेमाल होता है.

तमिल में तमिल भाषा सरकारी कामकाज में किया जाता है.

लेकिन भारत में मान्यता प्राप्त भाषाएं भी बहुत ही ज्यादा है.

आपको बताते चलें की भाषा वह होती है जिसे लिखा भी अलग तरीके से जाता है और बोला भी अलग तरीके से जाता है.

इसलिए आप बोली और भाषा में कंफ्यूज मत होना। चलिए आपको बिना इधर-उधर की बात की हुये

यह बताते हैं कि भारत में कितनी भाषाएं बोली जाती हैं…

bharat me kitne bhasha hai –

भारत में कितनी भाषा है इसका उत्तर हैं. भारत में मान्यता प्राप्त कुल 23 प्रमाणित भाषा हैं.

भारत में बोले जाने वाली हिंदी आर्य भाषा

इंडिया में सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा हिंदी है. जो कि हिंदी-आर्य यानी indo-european भाषा प्रणाली का हिस्सा है.

और भारत में indo-european भाषा और उनकी बोलियां बहुत ही ज्यादा है.

चलिए एक बार नजर डाल लेते हैं कि भारत में हिंदी आर्य भाषा बोली जाने वाली कितनी सारी भाषाएं हैं.

संस्कृत, पालि, प्राकृत, मारवाड़ी/मेवाड़ी, अपभ्रंश, हिंदी, उर्दू, पंजाबी, राजस्थानी, सिंधी, कश्मीरी,

मैथिली, भोजपुरी, नेपाली, मराठी, डोगरी,कुरमाली नागपुरी, कोंकणी, गुजराती, बंगाली, उड़िया, असमी

हिंदी भाषा –

इनमें सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा हिंदी है. जो कि 2019 तक अनुमानित 55 से 60 करोड़ है.

हिंदी मुख्यतः हिंदी बेल्ट में बोली जाती है. और हिंदी बेल्ट है उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा,

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान।

यहां भारत में सबसे ज्यादा हिंदी बोली जाती है. इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र भी हिंदी भाषा का प्रयोग करते हैं.

लेकिन यहां की मूल भाषा हिंदी नहीं है हालांकि यहां पर हिंदी भाषी बहुत ज्यादा रहते हैं.

ठीक उसी तरह बंगाल भी एक ऐसा राज्य है जहां पर हिंदी भाषा द्वितीय भाषा के रूप में बोली जाती है.

लेकिन बंगाली वहां की मुख्य भाषा है. एक अनुमान के मुताबिक भारत में कुल भाषा बोले जाने वाले में से 44% लोग हिंदी बोलते है.

बंगाली भाषा –

बंगाली भाषा भारत में दूसरी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा है.

भारत में बंगाली भाषा लगभग 9.5 करोड़ से भी ज्यादा लगभग 10 करोड बोली जाती है

और यह भारत में बोली जाने वाली भाषाओं का लगभग 9% हिस्सा है.

बंगाली भाषा मुख्यतः बंगाल असम झारखंड बिहार मैं बोली जाती है.

लेकिन यह बंगाल की मुख्य और सरकारी भाषा भी है.

मराठी

भारत में तीसरी सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा मराठी indo-european भाषा का ही हिस्सा है.

वह है मराठी भाषा यह मुख्य महाराष्ट्र में बोली जाती है.

और मराठी भाषा बोले जाने वाले लोगों की संख्या लगभग 8.50 करोड़ है.

जो कि भारत में बोली जाने वाली भाषाओं का 7.50% का हिस्सा है. मराठी भाषा महाराष्ट्र के अलावा मध्यप्रदेश में भी बोली जाती है.

गुजराती

गुजराती भाषा indo-european भाषा का ही एक हिस्सा है और यह भारत में 4.54% लोगों के द्वारा बोला जाता है.

इस भाषा को बोले जाने वाले लोगों की संख्या लगभग 6 करोड़ तक है भारत में.

उर्दू

लगभग 5 करोड लोगों के द्वारा बोले जाने वाली भाषा के साथ उर्दू भी भारत की एक मुख्य भाषा का एक हिस्सा है.

यह मुख्यतः उत्तर प्रदेश में बोली जाती है और यह पाकिस्तान की राष्ट्रभाषा भी है.

लेकिन यह भारत में हर जगह फैला हुआ नहीं है.

पंजाबी भाषा

पंजाबी भाषा पंजाब राज्य में बोला जाता है और यह लगभग 3.5 करोड़ लोगों के द्वारा बोला जाता है.

इसलिए इसका भारत में बहुत ही ज्यादा महत्त्व हो जाता है क्योंकि भारत के बहुत ही महत्वपूर्ण राज्य में बोला जाता है.

ओड़िया –

ओड़िया ओडिशा में बोली जाती हैं. 3.5 करोड़ लोग ओड़िया भाषा बोलते हैं.

भारत में बोली जाने वाली द्रविड़ भाषा

भारत में बोले जाने वाली द्रविड़ भाषा भारत में बोली जाने वाली दूसरी सबसे ज्यादा भाषा परिवार है.

यह मुख्यतः दक्षिण भारत में भी बोली जाती है इसके कुल कुछ भाषाएं छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी बोली जाती हैं.

चलिए एक बार नजर डाल लेते हैं कि भारत में द्रविड़ परिवार की भाषाएं कौन सी हैं.

द्रविड़ भाषा परिवार का भारत में कितनी भाषा है

तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, तुलू, गोंडी, कुड़ुख

तेलुगु भाषा

तेलुगु भाषा द्रविड़ भाषा परिवार की सबसे ज्यादा बोले जाने वाली भाषा है.

जो कि आंध्र प्रदेश और तेलंगाना राज्य में बोला जाता है.

ये भाषा बोले जाने वाले लोगों की संख्या भारत में 8 करोड़ 20 लाख है.

जो कि भारत में कुल बोले जाने वाली भाषा का 7% का हिस्सा है.

तेलुगु भाषा अपने तेलुगू सिनेमा के लिए भी भारत भर में काफी प्रसिद्ध है.

तमिल भाषा

तमिल भाषा तेलुगु के बाद भारत में बोली जाने वाली दूसरी सबसे बड़ी द्रविड़ परिवार की भाषा है.

यह मुख्यतः तमिलनाडु में ही बोली जाती है और तमिल बोले जाने वालों की संख्या भारत में लगभग 7 करोड है.

जो कि लगभग 6% का हिस्सा है. भारत में कुल बोले जाने वाली भाषा का इसके अलावा तमिल भाषा

श्रीलंका और भारत के अंडमान और निकोबार में भी बोला जाता है.

माना जाता है कि तमिल भाषा बहुत ही ज्यादा प्राचीन भाषा है.

कन्नड़ भाषा

कन्नड़ भाषा द्रविड़ भाषा परिवार का तीसरा सबसे बड़ा बोले जाने वाली भाषा है.

जो कि मुख्य तक कर्नाटक में बोला जाता है. हालांकि इसकी कुछ बोलने वाले गोवा और दक्षिणी महाराष्ट्र में भी हैं.

लेकिन वह बहुत ही कम है कन्नड़ भाषा बोले जाने लोगो की संख्या 4.5 करोड़ तक है.

और यह भारत में बोले जाने वाली भाषा का लगभग 3.5% तक है.

मलयालम भाषा

ये भाषा मुख्यतः केरल में बोला जाता है. और यह द्रविड़ भाषा परिवार की चौथी सबसे बड़ी भाषा है.

मलयालम बोलने वाले लोगों की संख्या 3.5 करोड़ तक है. और यह भारत में बोले जाने वाली भाषा तीन से चार प्रतिशत है.

इसके अलावा मलयालम में बहुत सारी बोलियां भी हैं.

कहा जाता है कि मलयालम भाषा ऐसा है कि केरल में कुछ दूरी पर ही इसकी बहुत सारी बोलियां आ जाती हैं.

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