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सूर्य की रोशनी के फायदे

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ब्लड सर्कुलेशन में करता हैं मदद

ब्लड सर्कुलेशन सही तरह से काम करे, इसके लिए शरीर में गर्मी या ऊर्जा की जरूरत होती है। गर्मी मिलने से नाड़ियों में सिकुड़न नहीं होती, नाडी इससे खुल जाती हैं और ये मदद करता हैं ब्लड सर्कुलेशन ।

सूर्य का प्रकाश करता हैं चयापचय क्रिया को प्रभावित –

सूरज की रोशनी आपको आपकी पाचन क्रिया को तेज करके स्वस्थ वजन बनाए रखने में सहायता करता हैं। एक स्टडी बताती हैं कि सूर्य की पराबैंगनी किरण विटामिन डी के कारण मोटापे और चयापचय सिंड्रोम के लक्षणों को दबा देती है।और ज्यादा अध्ययन करने से पता चला है कि नाइट्रिक ऑक्साइड (एक compound  जो सूर्य के एक्सपोजर के बाद त्वचा को रिलीज करता है) मोटापे और डायबटीज़ के समान धीमे प्रभाव थे। शोधकर्ताओं का मानना है कि जिस तरह से शरीर चयापचय को नियंत्रित करता है, उस पर नाइट्रिक ऑक्साइड के लाभकारी प्रभाव पड़ सकते हैं। जबकि दूसरी ओर विटामिन डी की कमी वसा यानि फैट संचय में योगदान कर सकती है

बॉडी क्लॉक करता हैं मेन्टेन

दिन के प्राकृतिक उजाले का एक्सपोजर आपकी सोने और उठने के चक्र को बनाए रखने में सहायता करता है, दरअसल ये हमारे body clock को मेन्टेन करने मदद करता हैं। उज्ज्वल सूरज की रोशनी के संपर्क में, optic nerve मस्तिष्क में ग्रंथि को एक संदेश भेजती है जो कि मेलाटोनिन पैदा करता है ।ग्रंथि का स्राव दिन के दौरान कम मेलाटोनिन पैदा करता है। जैसे ही अंधेरा होता है, यह उत्पादन में वृद्धि करना शुरू कर देता है। मेलाटोनिन उत्पादन का निम्न स्तर खराब नींद की गुणवत्ता से जुड़ा हुआ है। इसके अलावा, सूर्य की रोशनी रात की बेहतर नींद के लिए circadian rhythms को नियमित करने में मदद करती है। सर्कैडियन लय 24 घंटे का एक चक्र है जो कि जैव रासायनिक, शारीरिक और व्यवहारिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करके आपके नींद के चक्र को नियंत्रित करता है।

कई रोगों में लड़ने में करता हैं मदद

सूर्य की किरणें रोगों को ख़त्म करने वाली होती हैं, जिनके सेवन से आपका शरीर अनेक तरह के रोगों से सुरक्षित रहता है, विशेषकर हड्डियों की बीमार, और एक संतुलित मात्र में ये त्वचा के लिए भी लाभप्रद हैं।

कैंसर में हैं लाभप्रद

सूरज की किरणों में एंटी कैंसर तत्व होने से कैंसर का खतरा टलता है। जिन्हें कैंसर है, उन्हें धूप से बीमारी में आराम महसूस होता है। शोधों से यह बात सामने आई है कि जहां धूप कम समय के लिए होती है या जो लोग धूप में कम समय बिताते हैं, कैंसर की आशंका वहां ज्यादा होती है, हालाँकि कम मेलेनिन स्किन वाले लोगों में स्किन कैंसर का खतरा बना रहता हैं सूर्य की uv rays से ।

पाचन क्रिया को करता हैं मज़बूत

हाजमे का काम जठराग्नि द्वारा होता है। पर्याप्त मात्रा में सूर्य की गर्मी लेने से जठराग्नि अधिक सक्रिय होती है और भोजन अच्छी तरह से पचता है। जब खाना अच्छी तरह से पचेगा और शरीर को लगेगा, तो धातुओं के पुष्ट होने से शरीर में ओज का निर्माण होगा और बल व ताकत बनी रहेगी। 

हमें खुश रखता हैं सूर्य की रौशनी

उचित मात्रा में सूर्य की रोशनी नहीं मिलने से शरीर में सेरोटोनिन नामक हार्मोन की मात्रा कम हो जाता है। इससे डिप्रेशन की आशंका बढ़ जाती है। पूरी धूप मिलने से सेरोटोनिन पूरी मात्रा में बनता है और मानसिक स्थिति ठीक रहती है। धूप सेंकने से मूड भी अच्छा होता है, क्योंकि धूप से  सेरोटोनिन व एंडोर्फिन की उचित मात्रा बनती है और ये हार्मोन ख़ुशी पैदा करने के अलावा मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक सेहत को चुस्त रखत हैं। यह बॉडी क्लॉक को संतुलित रखने में सहायक साबित होती है। धूप सेंकने से नींद की समस्या भी दूर होती है, क्योंकि धूप का सीधा असर हमारे पीनियल ग्लैंड पर होता है। यह ग्लैंड शरीर में मेलाटोनिन नामक हार्मोन बनाता है, जो नींद की गुणवत्ता को तय करता है, सुधारता है।

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