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सेल्फी लेते हो ना…. अब देखो क्या होता है तुम्हारे साथ

selfie in hindi – टेक्नोलॉजी दिन प्रतिदिन तेजी से बढ़ती जा रही है, जिसमें मोबाइल फोन ऐसा अविष्कार है

जो कि आम आदमी की आज सांस लेने जितना जरूरी सामान सा बन गया है.

और यह मोबाइल फोन अपने साथ एक बहुत बड़ी बीमारी लेकर भी घूम रहा है.

और वो हैं सेल्फी की. शायद आपको यह बात पता ना हो,

लेकिन आज आप केवल इस पोस्ट को पढ़कर इस बात की जानकारी मात्र से ही

आप इस भयंकर बीमारी से बच सकते हैं.

जानिये एक सच्ची घटना

बीमारी आपके स्मार्टफोन के अंदर नहीं बल्कि स्मार्ट फोन से हद से ज्यादा सेल्फी लेने की आदत से है.

शुरुआत करते हैं एक सच्ची घटना को जानकर, डैनी बोमन (Danny Bowman)

इंग्लैंड का रहने वाला यह लड़का, सेल्फी लेने के पीछे बहुत बुरी तरीके से ऑब्सेस्ड (obsessed) हो गया.

उसने 1 दिन में 200 फोटो खींची पूरे 10 घंटे की प्रयास में.

लेकिन इन 200 pictures में से कोई भी पिक्चर डैनी को परफेक्ट नहीं लगी.

और अपने इसी ऑबसेशन (obsession) के चक्कर में डैनी ने आत्महत्या करने का प्रयास किया.

साइकोलॉजिस्ट ने बताया सेल्फी लेने की हद से ज्यादा लत ने डैनी को बीमार बना दिया था.

डैनी जो भी पिक्चर क्लिक करता, उसे अपने पिक्चर में कुछ न कुछ खामी नजर आने लगती है.

उसे अपनी फोटो में कभी अपनी नाक बड़ी लगने लगती तो कभी उसे अपनी स्किन खराब करने लगती है.

घंटो घंटो आईने के सामने खड़े होकर डैनी बस अपने चेहरे की काल्पनिक खामियों को निहारता रहता,

जो कि धीरे धीरे को एक बहुत ही खतरनाक मानसिक बीमारी की तरफ ढकेल दिया जिसे कहते हैं

बॉडी डिस्मोरफिक डिसऑर्डर body dismorphic disorder यानि BDD.

इस बीमारी में व्यक्ति अपने शरीर के अंग से नाखुश होता है और .

से हर कीमत पर चेंज करना चाहता है या परफेक्ट बनाने का प्रयास करता है.

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लोग OCD के हो रहे हैं शिकार

माइकल जैकसन को भी यही बीमारी थी, उसने अपने नाक का 9 बार ऑपरेशन करवाया,

क्योंकि वह अपने नाक की शेप से खुश नहीं था.

कई बार ऑपरेशन करवाने के कारण माइकल जैकसन को प्लास्टिक की नाक लगानी पड़ती थी.

बॉडी डिस्मोरफिक डिसऑर्डर (body dismorphic disorder).

आगे चलकर इस से भी खतरनाक बीमारी Obsessive Compulsive Disorder (ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर)

यानि OCD में बदल जाता है, जिसमें व्यक्ति के मन में बार-बार कोई नेगेटिव थॉट्स आते रहते हैं.

जैसे मेरी नाक बड़ी है, लोग मेरे बारे में ही बात कर रहे हैं, सब मुझे ही देख रहे हैं, जैसे कुछ विचार आते हैं.

भारत में सबसे ज्यादा सेल्फी लत वाले

और आपको बता दें कि आजकल के लोगों में सेल्फी लेने का ऑबसेशन काफी बढ़ गया है,

खासतौर पर भारत में जहां सेल्फी रिलेटेड मौतों में से पूरे विश्व में से 60% मौतें भारत में ही हो रही है.

बात साफ है भारत के लोगों में ही सबसे ज्यादा सेल्फी लेने का क्रेज सबसे ज्यादा हैं.

भारत में BDD के केस में हो यह रहा है कि,

लोग अपनी फोटो खींच कर सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहे हैं और लाइक्स के इंतजार में बैठ जा रहे हैं.

लाइक नहीं आने के कारण वह डिप्रेशन में तक चले जा रहे हैं.

और चेहरे को परफेक्ट बनाने में लग जाते हैं या उनके फोटो में कोई व्यक्ति नेगेटिव कमेंट कर दे

तो वह अपने चेहरे को बदलने के लिए प्लास्टिक सर्जन के पास तक चले जा रहे हैं.

तो कुछ ऐसा नेगेटिव इंपैक्ट पड़ रहा है लोगों की जीवन में सेल्फी लेने की आदत के कारण से.

कोहनी भी हो रही हैं ख़राब

यह तो मैंने अभी आपको सेल्फी से केवल मेंटल प्रॉब्लम ही बताया है,

अब जानिये सेल्फी से आपके एल्बो को क्या परेशानी हो सकती है,

जब हम सेल्फी लेने के लिए अपने हाथों को उठाते हैं तो कोहनी में खिंचाव के कारण इंजरी भी हो जाती है

यानी ज्यादा सेल्फी लेने के कारण से लोगों के कोहनी में सूजन की शिकायत भी देखी जा रही है,

जिसे मेडिकल की भाषा में सेल्फी एल्बो (selfie elbow in hindi) कहते हैं.

क्या हैं लिमिट सेल्फी की

इंग्लैंड के एक इंस्टीट्यूट ने अध्ययन कर यह बताया कि एक व्यक्ति अगर 1 दिन में 6 बार से ज्यादा सेल्फी ले रहा है.

या उसे सोशल मीडिया पर अपलोड कर रहा है तो, संभावना है कि उसे मेंटल प्रॉब्लम होने की संभावना बहुत ज्यादा हो.

इसके अलावा यह भी बताया गया कि सेल्फी लेने की लत की वजह से व्यक्तियों में किसी बात या

किसी पार्टिकुलर प्लेस की मेमोरी को याद रखने में भी परेशानी हो रही है,

लोग जहां घूमने जा रहे हैं वहां सेल्फी लेने के कारण से वहां के एनवायरनमेंट को ढंग से देख भी नहीं पा रहे हैं.

और ना ही अपने मेमोरी में स्टोर कर पा रहे हैं तो, एक सेल्फी और.

इतनी सारी मुसीबतें बेहतर है कि आप इस आदत को जल्दी से जल्दी छोड़ दीजिए.

जानकारी विडियो से लीजिये

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