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मिर्च तीखी क्यों है

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इस दुनिया में अगर कोई लोग हैं जो सबसे ज्यादा तीखा खाते हैं तो वह है हम एशियन महाद्वीप के लोग, जैसे भारत थाईलैंड चीन जैसे देश के लोग और अपने इसी दिखे और मसालेदार भोजन के लिए हमारा भारत दुनिया भर में काफी मशहूर भी है. हमारे भारत के खाने में अगर मिर्च ना पड़े तो वह भोजन, भोजन ही क्या ? मिर्च का तीखापन हम अपने भोजन में दुनिया भर के लोगों से कहीं ज्यादा पसंद करते हैं. इस दुनिया की सबसे तीखी मिर्च है कैरोलिना रिपर (Carolina Reaper) जो कि इतनी तीखी है कि इसे खाने भर से व्यक्ति चक्कर खा कर नीचे गिर जाए. इस मिर्च की स्कोविले हीट यूनिट (Scoville Heat Unit)  यानी SHU है 22 लाख S.H.U. मिर्च के तीखे पन को नापने की यूनिट है. लेकिन आपने कभी सोचा है कि यह मिर्च आखिरकार तीखी क्यों होती है ?  आपने यह अगर सोचा नहीं भी है तब भी आपको इस आर्टिकल में इस जिज्ञासा का उत्तर जरूर मिलेगा, इसलिए आर्टिकल पूरा पढ़िए आप अच्छी खासी नॉलेज यहां से लेकर ही जाएंगे.

अपने क्रमागत उन्नति से तीखा हुआ मिर्च

शुरुआत में वैज्ञानिकों ने यह समझा कि मिर्च का तीखापन मिर्च के पेड़ के evolution के कारण हुआ. मिर्च के पेड़ हजारों साल पहले ऐसे evolve हुए कि कोई भी जीव इन के फलों को खा ना सके. लेकिन नई रिसर्च ने बताया कि मिर्च का तीखापन मिर्च के पेड़ों में इसलिए हुआ क्योंकि छोटे-छोटे कीड़े और फफूंद से मिर्च की रक्षा किया जा सके. कारण यह है कि दुनिया भर के अधिकतम तीखी मिर्च वहीं ज्यादा तीखी होते हैं जहाँ ज्यादा बारिश होती है. ऐसे क्लाइमेट  में कीड़े लगने की संभावनाएं फलों में ज्यादा होती है और मिर्च के पौधों की ऊंचाई ज्यादा नहीं होती है. इसीलिए वैज्ञानिकों का मानना है कि तीखी मिर्च बारिश वाली एरिया में ज्यादा होती है. भारत की सबसे तीखी मिर्ची भुत जोलोकिया (bhut jolokia) भी असम के भारी वर्षा वाले क्षेत्र से ही है. अब बात यहां यह आती है कि मिर्च के पौधे में ऐसा क्या evolve हो गया कि मिर्च इतना ज्यादा तीखा हो गया. \

इस केमिकल की वजह से हैं मिर्च तीखा

दरअसल मिर्च में एक compound पाया जाता है जिसे कहते हैं कैपसाइसिन (Capsaicin) यही वह कंपाउंड है जो मिर्च में तीखापन लाता है. हमारे जीभ से लेकर हमारे पूरे शरीर में एक सेंसरी न्यूरॉन होते हैं जिसे कहते हैं polymodal nociceptors यही वह रिसेप्टर्स होते हैं जो बहुत ज्यादा गर्मी में एक्टिव हो जाते हैं और हमारे दिमाग को बताते हैं कि हमें गर्मी लगे रही है और हमें गर्मी से बचना चाहिए. जब हम मिर्च खाते हैं तो मिर्च में मौजूद capsaicin इन सेंसरी न्यूरॉन से बाईंड हो जाते हैं और हमेशा महसूस करवाते हैं जैसे हमारे जीभ में जलन सी हो रही हो. ब्रेन ये समझता है कि कुछ हानिकारक चीज जो शायद हमें जला सकती है वह हमारे स्क्रीन के कोंटेक्ट में आ गई है इसीलिए मिर्च हमें तीखा सा लगता है. जैसे ही ब्रेन को मिर्च के तीखापन का एहसास होता है ब्रेन हमारे शरीर को सिग्नल भेजता है शरीर को ठंडा करने के लिए और हमारे पूरे शरीर से पसीना आने लगता है, दिल की धड़कन तेज हो जाती है और व्यक्ति वैसा ही फीलिंग करता है जैसा फ्लाइट और फाइट रिस्पांस में करता है.

तो क्यों खाता हैं मिर्च मनुष्य

अब प्रश्न यह भी उठता है कि इतनी तीखी होने के बाद भी मनुष्य मिर्च खाता क्यों है? कुछ वैज्ञानिक बताते हैं कि मनुष्य को दर्द ना बहुत ही पसंद है या कहिए खुद को चैलेंज करना बहुत ही पसंद है. इसलिए मनुष्य दूसरों के सामने स्वयं को चैलेंज देकर उसे पूरा करना मनुष्य को काफी पसंद है. वही कुछ कहते हैं कि मिर्च खाने से हमारे शरीर में endorphin सीक्रेट होता है. जो मनुष्य काफी पसंद करता है. यह बातें अभी सही सही तो किसी को पता नहीं है पर जल्दी इस पर से पर्दा जरूर हट जाएगा.

इसलिए खाता हैं मिर्च तोता

मिर्च के पौधे के फल तीखे होते हैं इसलिए इसे अधिकतम जीव खा नहीं पाते. लेकिन आपने यह सुना होगा कि पेड़ पौधे फल इसीलिए उगाते हैं क्योंकि जीव इसे खाकर अपने मल से इन के बीजों को फैलाएं और इनके पेड़ों की संख्या निरंतर बढ़ती चली जाए. पर मिर्च में ऐसा नहीं होता है दरअसल मनुष्य का पेट मिर्च के बीच की वायबिलिटी या जीवन बल को खत्म कर देता है. वही पक्षियों का पेट ऐसा नहीं करता है. पक्षियों के हिट सेंसिंग नर्स उतने senstive नहीं होते हैं जितने मनुष्य के. इसलिए तोता जैसे पक्षी मिर्च खाते हैं और उनके बीज को फैलाते हैं. तो मैं उम्मीद करता हूं कि आप अब आप समझ गए होंगे कि मिर्च तीखा क्यों होता है. अब जब कभी आप मिर्च खाने जाए तो आप समझ जाए कि वो हमारे लिए तीखा नहीं है बल्कि वो ऐसा evolve हुआ है जिससे वह अपने फलों की रक्षा कर सकें.

यही जानकारी विडियो के रूप में लीजिये

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