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घर के बाहर निकलने से क्या क्या फायदे हैं

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अगर आप भी उन लोगों में से हो जो कहते हैं  ‘पढ़ोगे लिखोगे बनोगे नवाब और खेलोगे कूदेगे तो होगे खराब’ तो आप गलत हो। दरअसल ये सब चीजें सुनने में जितनी अच्छी लगती है उतनी इनका अस्तित्व नहीं है। कोई psychologist हो या आहार विशेषज्ञ सभी घर से बाहर निकलना बेहद जरूरी बताते हैं। मौजूदा दौर में बच्चे हो या बड़े किसी को भी घर से बाहर निकलना पसंद नहीं है क्योंकि घर पर बैठे-बैठे बच्चे मोबाइल पर गेम खेलने में व्यस्त रहते हैं, दिनभर pubg जैसे मोबाइल गेम खेलते रहते हैं और बड़े टीवी या लैपटॉप पर मूवी देखना पसंद करते हैं। इसके कारण ही कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिल रही है, जिसमें मोटापा प्रमुख समस्या है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं तो हम आपको घर से बाहर निकलने के 5 ऐसे फायदों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानकर आप चौंक जाएंगे।

 

घर से बाहर निकलने में एक्सरसाइज में मिलती है मदद 

घर से बाहर निकलने से आप में एक्सरसाइज की भावना का संचार होता है, विशेषरूप से अगर आप बच्चे या किशोरावस्था में हैं तो। इसके लिए आपको न तो जिम मेंबरशिप, परिवहन या फिर कोई स्पोर्ट्स किट की जरूरत है। इसके लिए बस आपको अपने घर से बाहर निकलना है। आप अपने नजदीकी पार्क में जाकर जिम में की जाने वाली कसरत कर सकते हैं। हवा का झोंका और समतल मैदान आपको वर्कआउट करने और अधिक कैलोरी बर्न करने में मदद कर सकता है, सबसे अच्छा हैं आप पार्क में जॉगिंग करें।

 

सूरज की रोशनी से विटामिन डी मिलने में मिलेगी मदद 

सूरज की रोशनी से हमारे त्वचा की मदद से विटामिन डी बनने में मदद होता हैं. विटामिन डी आपकी हड्डियों, ब्लड सेल्स और immune system के लिए बेहद जरूरी है। यह आपकी बॉडी को अधिक मात्रा में कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल अवशोषित करने में भी मदद करता है। आपकी बॉडी को इन्हें बनाने के लिए सूर्य की रौशनी की जरूरत होती लेकिन ज्यादा धूप की नहीं। इस गर्मी सप्ताह में दो से तीन बार सिर्फ 5 से 15 मिनट की धूप ऐसा कर सकती है। सर्दियों में आपको थोड़ा ज्यादा की जरूरत होती है।

तनाव और अवसाद करता हैं कम

हमारा शरीर बना हैं इस तरह की वो प्रकृति के साथ सदैव sync रहें. हमारे कमरे में रखा एक साधारण पौधा या कोई भी प्रकृति का चित्र आपके तनाव, क्रोध और अवसाद को कम करने में मदद कर सकता है। लेकिन कमरे से बाहर निकल कर कहीं बाहरी वातावरण में घूमने चले जाना आपके लिए बेहतर साबित हो सकता है। व्यायाम चिंता के लिए भी अच्छा है। जिम से तो ये कई गुना अच्छा हैं। सूरज की रोशनी आपके सेरोटोनिन (serotonin) के स्तर को बनाए रखने में मदद करती है। यह आपकी ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करती है और आपके मन को शांत, सकारात्मक और केंद्रित रखती है।

अच्छी नींद लाने में करता हैं मदद

घर से बाहर निकलना आपके नींद चक्र को निर्धारित करता है। दरअसल वातावरण में रहने से हमारी body clock इससे maintain रहती हैं. आपकी आंखों की कोशिकाओं को आपकी बॉडी को सही काम कराने के लिए पर्याप्त रोशनी की जरूरत होती है। कुछ लोगों को जल्दी सुबह मिलने वाली सूरज की रोशनी उन्हें रात में सोने में मदद कर सकती है। यह आपकी उम्र के साथ-साथ जरूरी होता जाता है। जब आपकी उम्र अधिक हो जाती है तो आपकी आंखे रोशनी अवशोषित करने में धीमी हो जाती है, जिससे आपको रात में नींद न आने की समस्या हो जाती है।

घर से बाहर निकलना आपका मूड फ्रेश करता हैं 

 मात्र पांच मिनट के लिए घर से बाहर निकलने की गतिविधियां आपके आत्मसम्मान को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं। अगर आपके घर के पास पानी या हरी-भरी जगह है तो विशेष रूप से यह बहुत ही महत्वपूर्ण हो जाता है। और केवल हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज ही नहीं जो सिर्फ बेहतर होती है। चलना, बाइक चलाना या बागीचे में काम करना जैसी आराम वाली गतिविधियां भी आपके लिए बेहतर कार्य कर सकती हैं।

 

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